उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाले उपहारों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। समाज कल्याण विभाग ने निर्णय लिया है कि अब वधू को पायल और बिछिया खरीदने के लिए राशि सीधे उसके बैंक खाते में दी जाएगी, ताकि वह अपनी पसंद से खरीदारी कर सके।
पहले क्या व्यवस्था थी?
अब तक इस योजना के तहत उपहारों की खरीद समाज कल्याण विभाग द्वारा की जाती थी। योजना में प्रति जोड़े पर लगभग एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं, जिसमें 60 हजार रुपये दुल्हन के खाते में दिए जाते थे, 25 हजार रुपये उपहार सामग्री और 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर खर्च होते थे।
अब क्या बदला?
नई व्यवस्था के अनुसार अब दुल्हन को पायल और बिछिया के लिए अलग से 4 हजार रुपये सीधे दिए जाएंगे। इसके बाद दुल्हन को मिलने वाली कुल राशि 60 हजार से बढ़कर 64 हजार रुपये हो जाएगी। वहीं उपहार सामग्री पर खर्च घटकर 21 हजार रुपये रह जाएगा। शेष राशि विवाह आयोजन पर खर्च की जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
समाज कल्याण विभाग के अनुसार यह बदलाव चांदी की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए किया गया है। पहले दुल्हन को 30 ग्राम पायल और 10 ग्राम बिछिया उपहार स्वरूप दी जाती थी, लेकिन अब चांदी की कीमतें बढ़कर करीब 2.5 लाख रुपये प्रति किलो हो गई हैं, जिससे तय उपहार देना चुनौतीपूर्ण हो गया था।
योजना का लक्ष्य और आवेदन प्रक्रिया
इस वर्ष लखनऊ में सामूहिक विवाह योजना के तहत 1,563 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए अब तक 600 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। पात्र लाभार्थी ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
सरकार का कहना है कि इस बदलाव से लाभार्थियों को अधिक स्वतंत्रता मिलेगी और वे अपनी पसंद के अनुसार उपहार खरीद सकेंगे।


