राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपनी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती किए जाने तथा सरकारी आवास खाली करने के नोटिस पर बिहार सरकार की आलोचना की है। सिंगापुर से नियमित स्वास्थ्य जांच कर लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक दुर्भावना का परिणाम है।
लालू यादव ने कहा, “ये घृणा की राजनीति है। हम इसकी कोई परवाह नहीं करते। जो करना है, सरकार करे।”
इस दौरान उनके साथ मौजूद आरजेडी सांसद और उनकी बेटी मीसा भारती ने कहा कि परिवार निर्धारित समयसीमा के भीतर सरकारी आवास खाली कर देगा। उन्होंने बताया कि नोटिस मिलने के बाद सात दिनों के अंदर आवास खाली करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
सुरक्षा में कटौती पर सरकार को घेरा
मीसा भारती ने सुरक्षा घटाए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि शायद राज्य सरकार को सुरक्षाकर्मियों की कहीं और अधिक जरूरत महसूस हुई होगी। उन्होंने कहा कि लालू यादव और राबड़ी देवी को जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त है और उनकी सुरक्षा जनता स्वयं सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मिले निजी सुरक्षा कर्मियों की भी आवश्यकता नहीं है और वह उन्हें वापस करने का निर्णय ले रही हैं।
नीट पेपर लीक मामले का भी उठाया मुद्दा
मीसा भारती ने बातचीत के दौरान नीट पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई देती, जबकि विपक्षी नेताओं की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े फैसले तेजी से लिए जा रहे हैं।
मनोज झा ने भी जताई नाराजगी
इससे पहले आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती के फैसले की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण पदों पर रहे नेताओं की सुरक्षा से जुड़े फैसलों को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए।
आरजेडी नेताओं का आरोप है कि सरकार राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण ऐसे कदम उठा रही है, जबकि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


