उत्तर प्रदेश सरकार की स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाएं युवाओं के साथ महिलाओं को भी अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दे रही हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के जरिए अमेठी की अर्चना त्रिपाठी ने गृहिणी से सफल उद्यमी बनने तक का सफर तय किया है।
मुसाफिरखाना नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या-08, पूरे भवानी बक्स की रहने वाली अर्चना ने योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से ‘अर्चना ब्यूटी पार्लर’ शुरू किया। आज उनका व्यवसाय उन्हें हर महीने करीब 30 से 40 हजार रुपये की आय दे रहा है और इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले की तुलना में मजबूत हुई है।
बैंक से मिली योजना की जानकारी
अर्चना के मुताबिक, उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी बैंक के माध्यम से मिली। उस समय वह गृहिणी थीं और अपना कारोबार शुरू करना चाहती थीं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी।
परिवार की सीमित आय के कारण व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी पूंजी जुटाना मुश्किल था। ऐसे में योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवेदन करने का फैसला किया।
2.12 लाख रुपये के ऋण से शुरू किया ब्यूटी पार्लर
अर्चना को जनवरी 2025 में बैंक के माध्यम से 2.12 लाख रुपये का ऋण मिला। इसी आर्थिक सहायता से उन्होंने अपना ब्यूटी पार्लर शुरू किया।
अर्चना का कहना है कि योजना के तहत मिली वित्तीय मदद ने न केवल उनके कारोबार की शुरुआत में मदद की, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया। जो सपना पहले केवल एक इच्छा था, वह आज उनके लिए आय का स्थायी जरिया बन चुका है।
हर महीने 30 से 40 हजार रुपये की आय
ब्यूटी पार्लर शुरू होने के बाद अर्चना की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। वह अब इससे करीब 30 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं।
उनके परिवार में छह सदस्य हैं। अर्चना के अनुसार, व्यवसाय शुरू होने के बाद वह परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में पहले से अधिक योगदान दे पा रही हैं। इससे उनके भीतर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना भी मजबूत हुई है।
कारोबार को और विस्तार देने की तैयारी
अर्चना अब अपने ब्यूटी पार्लर को और आगे बढ़ाना चाहती हैं। उनका लक्ष्य ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ अपने कारोबार का विस्तार करना है।
वह मानती हैं कि महिलाओं को यदि सही अवसर, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता मिले तो वे भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। अर्चना दूसरी महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
अर्चना त्रिपाठी की कहानी बताती है कि सरकारी योजनाओं के जरिए मिलने वाली आर्थिक सहायता किस तरह किसी व्यक्ति के सपनों को कारोबार में बदल सकती है। गृहिणी से उद्यमी बनी अर्चना आज न केवल अपने परिवार को आर्थिक मजबूती दे रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं व महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को अर्चना की सफलता एक उदाहरण के तौर पर सामने रखती है।


