झारखंड के जमशेदपुर स्थित मानगो नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मेयर पद के परिणाम को चुनौती देते हुए यह मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है। याचिकाकर्ता संध्या सिंह ने झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 580 और 582 के तहत अदालत में याचिका दायर की है, जिसमें निर्वाचित मेयर सुधा गुप्ता के चुनाव को अवैध और शून्य घोषित करने की मांग की गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी द्वारा गलत और भ्रामक जानकारी दी गई। यह भी दावा किया गया है कि सुधा गुप्ता पहले कदमा क्षेत्र की मतदाता थीं, लेकिन चुनाव से ठीक पहले उनका नाम मानगो क्षेत्र की मतदाता सूची में जोड़ा गया, जबकि उनके निवास में कोई वास्तविक बदलाव नहीं हुआ। इस पर मतदाता सूची प्रक्रिया और रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि 27 फरवरी 2026 को घोषित चुनाव परिणाम को रद्द किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
वहीं दूसरी ओर, मेयर सुधा गुप्ता की ओर से इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया गया है। जारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने चुनाव पूरी तरह वैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लड़ा है तथा सभी दस्तावेज और नामांकन नियमों के अनुसार जांच के बाद स्वीकार किए गए थे।
प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने और निवास से जुड़े मामलों में निर्वाचन आयोग की भूमिका होती है, इसलिए किसी भी तरह की अनियमितता के आरोप गलत हैं। बयान में यह भी कहा गया है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वे अदालत के निर्णय का सम्मान करेंगे।
इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि मेयर का फोकस क्षेत्र के विकास, पारदर्शी प्रशासन और जनसेवा पर है, और वह लगातार मानगो में विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं। अब इस मामले में कोर्ट का फैसला ही तय करेगा कि चुनाव परिणाम पर उठे सवालों का क्या निष्कर्ष निकलता है।

