दुनिया में युद्ध क्यों होते हैं? मोहन भागवत ने बताई चौंकाने वाली सच्चाई!

Bole India
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राजस्थान: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर में डेडांसर मेला ग्राउंड पर आयोजित दादागुरु चादर महोत्सव में अपने संबोधन के दौरान युद्ध के कारणों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई क्षेत्रों में जारी युद्ध और संघर्ष का मुख्य कारण यह है कि हम अपने एकत्व को पहचानते नहीं हैं।

भागवत ने अपने संबोधन में कहा:
“जो युद्ध चल रहे हैं वह थम क्यों नहीं रहे हैं? यह झगड़े क्यों होते हैं? इसका कारण यह है कि हम अपने एकत्व को पहचानते नहीं हैं। जब हम एक नहीं हैं, तो अलग हैं; जब अलग हैं तो अलग-अलग स्वार्थ हैं, और फिर हम अपने स्वार्थ साधन में लग जाते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में लोग मन की करुणा और सत्य को भूल चुके हैं, जिससे कलह और युद्ध चलते रहते हैं। भागवत ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि पहला महायुद्ध रोकने के लिए लीग ऑफ नेशन की स्थापना हुई, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। फिर दूसरा महायुद्ध हुआ, और संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) का गठन किया गया, लेकिन आज भी हालात चिंताजनक हैं।

इस अवसर पर दादागुरु चादर महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव में विशेष सिक्के और डाक टिकट का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, समरसता और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है।

संक्षेप में: मोहन भागवत ने युद्ध और संघर्ष का कारण मनुष्य के भीतर एकता की कमी और अलग-अलग स्वार्थों को बताया। उनका संदेश है कि अगर लोग अपने सत्य और एकत्व को पहचान लें, तो दुनिया में युद्ध और कलह को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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