दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पीजी की एक इमारत ढहने के बाद राहत और बचाव अभियान के बीच कई परिवार और दोस्त अपनों की तलाश में जुटे हैं। इसी मलबे में छात्र ऋषित अपने दोस्त अथर्व की तलाश कर रहा है। ऋषित के मुताबिक, हादसे के बाद से अथर्व का कोई पता नहीं चल पाया है।
ऋषित ने बताया कि हादसे के बाद करीब 3:30 बजे अथर्व ने उसे फोन किया था। फोन पर उसने बताया था कि वह मलबे में फंस गया है। ऋषित के अनुसार, अथर्व उस समय इमारत की दूसरी मंजिल पर था। इसके बाद उससे संपर्क नहीं हो पाया।
‘फोन लगातार कर रहा हूं, लेकिन अब बंद आ रहा है’
ऋषित ने बताया कि वह हादसे के बाद से लगातार अथर्व को फोन कर रहा है, लेकिन अब उसका मोबाइल बंद आ रहा है। उसने कहा कि कुछ अन्य छात्रों के शव बरामद हो चुके हैं, लेकिन अथर्व का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
दोस्त की तलाश में घटनास्थल पर मौजूद ऋषित ने बताया कि वह बचाव दल की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है और उम्मीद कर रहा है कि अथर्व सुरक्षित मिल जाए।
एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर भी उठाए सवाल
ऋषित ने हादसे के बाद की आपातकालीन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उसके मुताबिक, उसने करीब 1:30 बजे एक निजी एंबुलेंस सेवा को फोन किया था। ऋषित का दावा है कि कुछ ही मिनटों में चार एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थीं और तब तक पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी थी।
उसका आरोप है कि सरकारी एंबुलेंस करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची। हालांकि, एंबुलेंस की प्रतिक्रिया समय को लेकर उसके दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘अवैध निर्माण पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?’
हादसे के बाद ऋषित ने इलाके में कथित अवैध निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए। उसने पूछा कि यदि इमारत में नियमों के विपरीत निर्माण हो रहा था तो संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।
ऋषित ने दावा किया कि इमारत की ऊपरी मंजिल का निर्माण भी कथित तौर पर अवैध था। उसने कहा कि इलाके में ऐसी कई इमारतें हैं, जहां छात्रों के रहने के लिए अतिरिक्त मंजिलों या टीन शेड का इस्तेमाल किया जाता है।
मलबे के बीच दोस्त की तलाश जारी
हादसे के बाद सत्य निकेतन में राहत और बचाव अभियान चलाया गया। इसी दौरान ऋषित अपने दोस्त अथर्व की तलाश में मौके पर डटा रहा। उसके लिए यह हादसा सिर्फ एक इमारत के ढहने की घटना नहीं, बल्कि अपने करीबी दोस्त को खोने की आशंका से जुड़ा बेहद मुश्किल वक्त है।
ऋषित अब भी उम्मीद लगाए बैठा है कि बचाव दल को मलबे के बीच से अथर्व का सुराग मिल जाएगा और उसका इंतजार खत्म होगा।


