भारत के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच की प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किए जाने के बाद क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है। आईपीएल और भारत ‘ए’ के लिए शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें अब तक अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका नहीं मिला है।
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि जितनी देर वैभव के डेब्यू में होगी, उन पर उतना ही अधिक दबाव बढ़ेगा। वहीं पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा कि उन्हें आयरलैंड दौरे पर ही मौका मिल जाना चाहिए था। शास्त्री के अनुसार वैभव के पास मैच का रुख बदलने की क्षमता है और उन्हें जल्द से जल्द खेलने का अवसर मिलना चाहिए।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी सवाल उठाया कि आयरलैंड के खिलाफ युवा बल्लेबाज़ को मौका क्यों नहीं दिया गया। वहीं इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने वैभव की प्रतिभा की तारीफ करते हुए कहा कि 15 साल की उम्र में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और यदि वह खेलते हैं तो इंग्लैंड उनके लिए विशेष रणनीति बनाएगा।
हालांकि सभी पूर्व खिलाड़ी इस राय से सहमत नहीं हैं। पूर्व स्पिनर आर. अश्विन का कहना है कि बेंच पर बैठकर भी युवा खिलाड़ी काफी कुछ सीखते हैं और जल्दबाज़ी में फैसला लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने टीम मैनेजमेंट और मुख्य कोच गौतम गंभीर का बचाव करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को सही समय पर मौका दिया जाना चाहिए।
पूर्व बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा ने भी कहा कि मौजूदा शीर्ष क्रम में अनुभवी बल्लेबाज़ मौजूद हैं, इसलिए वैभव को शुरुआती मैचों में मौका नहीं मिलना स्वाभाविक है। उनका मानना है कि रोटेशन पॉलिसी के तहत आगे चलकर उन्हें अवसर मिल सकता है।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयॉन मॉर्गन ने भी वैभव की प्रतिभा की सराहना की, लेकिन कहा कि उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए कोई तय समय सीमा नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार वैभव का भविष्य उज्ज्वल है और सही समय आने पर उन्हें मौका जरूर मिलेगा।
इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 मैच बारिश के कारण बिना नतीजे के समाप्त हो गया। अब सभी की निगाहें सीरीज के अगले मुकाबलों पर हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने का मौका मिलता है या नहीं।


