नेपाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। नई सरकार को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी क्रम में गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने पद संभालने के एक महीने के भीतर ही इस्तीफा दे दिया है।
बुधवार को दिए गए अपने इस्तीफे में गुरुंग ने नैतिक जिम्मेदारी का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उनकी संपत्तियों और शेयरों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है।
फेसबुक पोस्ट के जरिए इस्तीफे की घोषणा करते हुए गुरुंग ने लिखा कि उन्होंने जनता की आलोचना और चिंताओं को गंभीरता से लिया है। उनका कहना था कि सार्वजनिक जीवन में नैतिक मानकों को बनाए रखना सबसे जरूरी है, और इसी कारण उन्होंने पद छोड़ना उचित समझा।
उन्होंने कहा, “मैंने 26 मार्च 2026 से गृहमंत्री के रूप में पूरी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। लेकिन हाल ही में मेरी संपत्तियों और शेयरों को लेकर उठे सवालों को मैंने गंभीरता से लिया है।”
गुरुंग ने आगे कहा कि उनके लिए नैतिकता किसी भी पद से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज की युवा पीढ़ी पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की मांग कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा, “जब सरकार और नेतृत्व पर सवाल उठते हैं, तो जवाबदेही जरूरी हो जाती है। जनता का विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”
गौरतलब है कि इससे पहले 9 अप्रैल को सरकार ने श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह को अनुशासनहीनता के आरोप में पद से हटा दिया था। यह कार्रवाई पार्टी की सिफारिश पर की गई थी।
लगातार हो रहे इन बदलावों से साफ है कि नेपाल की नई सरकार फिलहाल स्थिरता की तलाश में है।

