अंकित बालियान हत्याकांड पर भड़के ओम प्रकाश राजभर, अखिलेश यादव पर साधा निशाना

shikha verma
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हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में दो आरोपियों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।

राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अंकित बालियान की हत्या को जातीय मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अंकित की हत्या के आरोपियों का एनकाउंटर हो चुका है और अब वे ‘नर्क में पहुंच गए’ हैं।

‘लाश पर जाति लिखकर राजनीति करना संवेदना नहीं’

ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि किसी की मौत को जातीय पहचान से जोड़कर राजनीति करना संवेदना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी राजनीति के लिए जाट समाज का मुद्दा उठाया जा रहा है।

राजभर ने कहा कि हत्या मानवता के खिलाफ अपराध है और इसे किसी जाति या गोत्र तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता सब देख रही है और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार के कामकाज का भी आकलन कर रही है।

अखिलेश यादव ने जाट समाज को लेकर उठाए थे सवाल

दरअसल, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया था कि बीजेपी किसी विशेष समाज की नहीं, बल्कि केवल वोटों की सगी है।

अखिलेश यादव ने जाट समाज के नेताओं को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जाट समाज के युवा अपने नेताओं से जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का भी नाम लेते हुए पूछा था कि बीजेपी के साथ खड़े जाट नेता इस मामले में कहां हैं।

जातीय राजनीति को लेकर आमने-सामने सत्ता पक्ष और विपक्ष

अखिलेश यादव की पोस्ट के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। बीजेपी और जयंत चौधरी ने अंकित बालियान की हत्या को जाट समाज से जोड़कर देखने पर आपत्ति जताई। सत्ता पक्ष के नेताओं ने सपा प्रमुख पर जातीय राजनीति करने का आरोप लगाया।

वहीं, राजभर ने भी अखिलेश यादव के बयान को लेकर उन पर हमला बोलते हुए कहा कि किसी आपराधिक घटना को जातीय राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

अंकित बालियान हत्याकांड में आरोपियों के एनकाउंटर के बाद अब यह मामला कानून-व्यवस्था के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की सियासत में भी चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

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