घुमंतू समाज को नहीं खानी पड़ेंगी दर-दर की ठोकरें, योगी सरकार देगी विकास का अवसर

shikha verma
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश का घुमंतू और विमुक्त समाज उपेक्षा का शिकार नहीं रहेगा। सरकार उन्हें सम्मानजनक जीवन, स्थायी विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। घुमंतू विकास बोर्ड का गठन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के बाद आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बोर्ड केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि वर्षों से वंचित रहे समाज को न्याय, पहचान और अवसर दिलाने का माध्यम बनेगा।

अंग्रेजों के कलंक को मिटाकर मिलेगा सम्मान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंग्रेजों ने वर्ष 1871 में क्रिमिनल ट्राइब एक्ट लागू कर कई वीर समुदायों को अपराधी घोषित कर दिया था, जबकि इन समुदायों ने देश की आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर इन समुदायों को विमुक्त जाति का सम्मान दिलाया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार इन समुदायों के विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास हुए और अब उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू विकास बोर्ड के गठन का निर्णय लिया है।

हर समुदाय को मिलेगा प्रतिनिधित्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड में सभी विमुक्त एवं घुमंतू जातियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उनकी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंच सकें। बोर्ड के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।

वंचित वर्गों तक पहुंची योजनाएं

सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने वनटांगिया, मुसहर, थारू, गौड़, चेरो, बुक्सा, कोल और सहरिया समेत कई वंचित समुदायों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा है। इन समुदायों को राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान भारत कार्ड, बिजली और गैस कनेक्शन सहित कई योजनाओं का लाभ दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

“जिन्हें पहले नहीं पूछा गया, उन्हें सम्मान मिला”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है, जिन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। सरकार के लिए जनता केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि जनसेवा का केंद्र है।

उन्होंने कहा कि अब कोई भी इन समुदायों को अपराधी नहीं कह सकता। ये वही समाज हैं जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और संस्कृति की रक्षा में योगदान दिया है।

घुमंतू समाज अब बन रहा ‘टिकंतू’: असीम अरुण

समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक और दूरदर्शी फैसला है। यह बोर्ड विभिन्न सरकारी योजनाओं को विमुक्त एवं घुमंतू समाज तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा कि अब यह समाज धीरे-धीरे घुमंतू से ‘टिकंतू’ बन रहा है। लोगों के पास घर, बिजली, आजीविका के साधन और सम्मान के साथ जीवन जीने के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

सपेरा समाज ने पारंपरिक बीन बजाकर किया स्वागत

कार्यक्रम के दौरान सपेरा समाज ने पारंपरिक बीन वादन कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और घुमंतू विकास बोर्ड के गठन पर आभार जताया।

समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह फैसला उनके वर्षों पुराने संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुए इस निर्णय को समाज के सम्मान और अधिकारों की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार घुमंतू और विमुक्त समाज के पुनर्वास, सम्मान और समग्र विकास के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।

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