बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 132 फीट ऊंचा मोबाइल टावर, 15 केवी का जनरेटर और अन्य उपकरण रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। इस मामले ने स्थानीय लोगों और प्रशासन दोनों को हैरान कर दिया है।
मरम्मत के दौरान हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से बंद पड़े जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर के मोबाइल टावर की मरम्मत के लिए जब कंपनी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, तो वहां टावर मौजूद नहीं था। इसके साथ ही साइट से जनरेटर और अन्य महंगे उपकरण भी गायब पाए गए।
यह टावर डुमरांव के वार्ड संख्या 18 में स्थित था, जो एक रिहायशी इलाके के बीचोंबीच स्थापित था।
जमीन मालिक और कंपनी के बीच विवाद
बताया जा रहा है कि कंपनी और जमीन मालिक के बीच 12 वर्षों का करार हुआ था, जिसकी अवधि वर्ष 2022 में समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद से भुगतान को लेकर विवाद भी चल रहा था। जमीन मालिक हरिनाथ यादव ने टावर चोरी की घटना की जानकारी होने से इनकार किया है।
पुलिस ने दर्ज की शिकायत, जांच शुरू
कंपनी की ओर से बैजनाथ ओझा ने डुमरांव थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मुख्यालय डीएसपी पंकज कुमार सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में मामला किराया विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
कैसे गायब हुआ इतना बड़ा टावर?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 132 फीट ऊंचा भारी-भरकम टावर और जनरेटर बिना किसी की नजर में आए कैसे हटाया जा सकता है। स्थानीय लोग भी इस घटना से हैरान हैं और पूरे मामले को रहस्यमय मान रहे हैं।
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं—किराया विवाद, संपत्ति स्वामित्व और तकनीकी हटाने की प्रक्रिया—की पड़ताल की जा रही है।


