मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में परिवार से ऊपर कोई सोच नहीं थी। सैफई परिवार के अलावा किसी और की चिंता नहीं होती थी। चाचा-भतीजा और महाभारत के किरदारों की राजनीति में गरीबों की योजनाएं लूट ली जाती थीं। नौकरियों में डकैती, विकास के पैसे में छीना-झपटी होती थी और त्योहार भी दंगों की भेंट चढ़ जाते थे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार आने के बाद अब प्रदेश को परिवार मानकर काम हो रहा है। किसी की जाति नहीं पूछी जाती, किसी से भेदभाव नहीं होता। सबका साथ, सबका विकास, यही हमारा मंत्र है।
