सम्राट चौधरी सरकार ने कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद राज्य में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल को सरकार की नई कार्यशैली और प्रशासनिक सख्ती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
IAS अधिकारियों का बड़ा तबादला
प्रशासनिक स्तर पर करीब एक दर्जन से अधिक आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
- कुमार रवि को स्वास्थ्य विभाग का सचिव बनाया गया है। इससे पहले वे मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव थे।
- 1996 बैच के Anand Kishor को वित्त विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया, वे अब भी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे।
- एच. आर. श्रीनिवास को समाज कल्याण विभाग का अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है।
- संतोष कुमार मल्ल को जल संसाधन विभाग से हटाकर आपदा प्रबंधन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है।
- लोकेश कुमार सिंह को पर्यटन विभाग का सचिव बनाया गया है और उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
- अजय यादव को ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
- संजय कुमार सिंह को वित्त विभाग का सचिव बनाया गया है।
- प्रणव कुमार को भवन निर्माण विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
- चंद्रशेखर सिंह को जल संसाधन विभाग का सचिव बनाया गया है।
- रजनीश कुमार सिंह को कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग में आईजी की जिम्मेदारी दी गई है।
IPS अधिकारियों में भी बड़ा बदलाव
गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 16 आईपीएस अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं।
- सुधांशु कुमार को एडीजी विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है।
- डॉ. अमित कुमार जैन को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का एडीजी बनाया गया है।
- नय्यर हसनैन खान को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस में भेजा गया है।
- विकास वैभव को गया (मगध क्षेत्र) का आईजी बनाया गया है।
- Amrit Raj को साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई का एडीजी बनाया गया है।
- अमित लोढ़ा को तकनीकी सेवाएं एवं संचार विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
- संजय सिंह को एडीजी (बजट, अपील एवं कल्याण) बनाया गया है।
- रंजीत कुमार मिश्रा को अपराध अनुसंधान विभाग का आईजी नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक सख्ती के संकेत
कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद हुए इस बड़े फेरबदल को सरकार की प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने और विभागीय कामकाज में तेजी लाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य में आने वाले समय में और भी प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है।

