अमेरिका-ईरान युद्ध में भारत का बेटा खोया, शव अभी तक नहीं आया घर

Bole India
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मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच एक दुखद खबर सामने आई है। अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर हवाई हमलों के बाद बढ़े तनाव के दौरान एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। मृतक की पहचान दीक्षित सोलंकी (32) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से दीव के रहने वाले थे और फिलहाल उनका परिवार मुंबई के कांदिवली में रहता है।

दीक्षित एक तेल टैंकर एमकेडी व्योम पर ऑयलर नाविक के रूप में काम कर रहे थे। 1 मार्च को जब यह जहाज़ ओमान की खाड़ी से गुजर रहा था, तभी उस पर कथित मिसाइल हमला हुआ, जिससे जहाज़ में विस्फोट और आग लग गई। इस हादसे में इंजन रूम में मौजूद दीक्षित सोलंकी की मौत हो गई।


“हम अपने बेटे के शव का इंतज़ार कर रहे हैं”

दीक्षित के पिता अमृतलाल सोलंकी ने बताया कि बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है। उन्होंने कहा,
“हमने अपने बेटे को बहुत प्यार से पाला था। अब हम उसके शव के आने का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि अंतिम संस्कार कर सकें।”

परिवार का आरोप है कि घटना के कई दिन बाद भी न तो कंपनी और न ही सरकार की ओर से उनसे ठीक तरह से संपर्क किया गया है।


कैसे हुआ जहाज़ पर हमला

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, जहाज़ का प्रबंधन लंदन स्थित कंपनी व्ही शिप्स कर रही थी। कंपनी ने बयान जारी कर बताया कि 1 मार्च को मस्कट तट के पास जहाज़ पर संदिग्ध मिसाइल हमला हुआ, जिससे विस्फोट के बाद आग लग गई।

कंपनी के अनुसार, घटना के समय इंजन रूम में मौजूद एक चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि अन्य क्रू मेंबर को सुरक्षित निकाल लिया गया।


छह साल से मर्चेंट नेवी में थे दीक्षित

दीक्षित सोलंकी पिछले छह वर्षों से मर्चेंट नेवी में काम कर रहे थे।

  • उन्होंने दीव और मुंबई में पढ़ाई की थी
  • 12वीं के बाद उन्होंने जीपी रेटिंग और एसटीसीडब्ल्यू कोर्स किया
  • इसके बाद विभिन्न कंपनियों में तेल टैंकर पर काम किया

वे पिछले साल 10 दिसंबर को अपनी मौजूदा ड्यूटी पर गए थे और उन्हें 10 सितंबर 2026 को भारत लौटना था।


परिवार ने मांगी जांच और रिपोर्ट

दीक्षित के पिता ने सरकार और कंपनी से मांग की है कि:

  • बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए
  • घटना की पूरी जांच की जाए
  • मौत की वजह की विस्तृत रिपोर्ट परिवार को दी जाए

परिवार के अनुसार, दीक्षित की मां का चार महीने पहले ही निधन हुआ था और अब बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है।


खाड़ी देशों में फंसे हजारों नाविक

सेलर्स यूनियन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष आर. पी. वीट्टील ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में कई जहाज़ अभी भी फंसे हुए हैं। उनके अनुसार लगभग 1500 जहाज़ों में भारतीय नाविक काम कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

उन्होंने सरकार से अपील की कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।

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