राजभर ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते 2012 से 2017 के बीच के सपा शासन पर भी निशाना साधा। उन्होंने अपने पोस्ट में कानून-व्यवस्था, अपराध, भ्रष्टाचार, लूट-खसोट और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए तत्कालीन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
राजभर ने कहा कि उस दौर की घटनाओं को याद करने पर आज भी “रूह कांप जाती है।” उन्होंने यहां तक दावा किया कि कई बार ऐसा लगता है कि 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में सरकार थी ही नहीं।
‘अपने ही कार्यकर्ताओं के घर की महिलाओं से पूछ लीजिए’
कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर उन्हें इन दावों पर विश्वास नहीं है तो वह अपने ही किसी कार्यकर्ता के घर की महिलाओं से उस दौर के बारे में पूछ सकते हैं।
राजभर के मुताबिक, उस समय आम लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर भय का माहौल था। हालांकि, उनके ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं और उन्होंने इनके समर्थन में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
‘ट्विटर, एसी और पीसी करते रहिए भाई’
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव की सोशल मीडिया सक्रियता और प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने लिखा, “ट्विटर, एसी, पीसी करते रहिए भाई। जमीन पर आपको लेकर बहुत खराब माहौल है।”


