मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना ने ईरानी नौसेना की माइन्स बिछाने वाली 10 से अधिक नौकाओं को नष्ट कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए ईरान को चेतावनी दी कि समुद्र में बिछाई गई सभी माइन्स तुरंत हटाई जाएं, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस कार्रवाई का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें ईरानी जहाजों और पनडुब्बियों को नष्ट होते हुए दिखाया गया है। अमेरिका का कहना है कि यह कदम मालवाहक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया।
इसी बीच दुबई में एक बड़ा धमाका होने की खबर सामने आई है। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। माना जा रहा है कि ईरान खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है।
दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान पर मिसाइल हमले भी किए हैं, जिनमें कम से कम 20 लोगों की मौत होने की खबर है। वहीं ईरान ने दावा किया है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगभग 6000 समुद्री माइन्स बिछा दी हैं, जिनमें सेंसर से सक्रिय होने वाली उन्नत माइन्स भी शामिल हैं। ईरानी कमांडरों ने चेतावनी दी है कि दुश्मन जहाजों को इस मार्ग से गुजरने नहीं दिया जाएगा। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने और ऊर्जा संकट बढ़ने की आशंका है।
इस संघर्ष के बीच इजरायल और ईरान के बीच भी हमले तेज हो गए हैं। ईरान ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले करने का दावा किया है। वहीं इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हवाई हमला किया, जिसमें उसके कमांडर हसन सलामेह के मारे जाने की पुष्टि की गई है।
उधर अमेरिका का कहना है कि वैश्विक तेल कीमतों को स्थिर रखने में भारत की भूमिका अहम हो सकती है। भारत में अमेरिकी राजदूत ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल उपभोक्ताओं में से एक है और बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए अमेरिका और भारत का सहयोग जरूरी है।
