दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और लोगों को चिलचिलाती धूप व लू से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार को राजधानी में तापमान ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह मई महीने की पिछले 14 वर्षों में सबसे गर्म रात रही। इससे पहले वर्ष 2012 में ऐसी गर्म रात दर्ज की गई थी। दिन के समय पश्चिमी हवाएं 15-20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं, जबकि झोंकों के साथ इनकी गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान 30-32 डिग्री और अधिकतम तापमान 43-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आज भी हालात में कोई खास राहत नहीं मिलेगी और लू का असर जारी रहेगा।
IMD के मुताबिक, अगले एक-दो दिनों तक गर्म हवाओं और भीषण तापमान से राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि बुधवार के बाद तापमान में 7-8 डिग्री तक गिरावट देखने को मिल सकती है। विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, जैसे दोपहर के समय बाहर न निकलना, हल्के कपड़े पहनना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना।
भीषण गर्मी का असर बिजली की मांग पर भी साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी में बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। सोमवार को बिजली की मांग 8,439 मेगावाट दर्ज की गई, जो इस साल का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। पिछले कुछ दिनों में यह मांग लगातार 8,000 मेगावाट से ऊपर बनी हुई है। बिजली कंपनियों का अनुमान है कि अगर गर्मी ऐसे ही बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में मांग 9,000 मेगावाट तक पहुंच सकती है। राजधानी में गर्मी ने जनजीवन, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था—तीनों पर गंभीर असर डाला है और फिलहाल राहत के आसार कम नजर आ रहे हैं।


