हमीरपुर के जिला अस्पताल के भर्ती वार्डों में कई मरीज अपने घर से लाए गए कंबलों का सहारा लेने को मजबूर दिखे। कुछ मरीजों के परिजनों का कहना है कि सुबह से इंतजार करने के बावजूद अब तक कंबल मुहैया नहीं कराया गया। वहीं जिन मरीजों को कंबल दिए भी गए हैं, वे बेहद पुराने और गंदे बताए जा रहे हैं, जिन्हें ओढ़ना भी मुश्किल हो रहा है। एक तरफ जिम्मेदार अधिकारी व्यवस्थाएं ठीक होने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ मरीज और उनके परिजन ठंड में परेशान नजर आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि कागजी दावों और हकीकत के बीच इतना अंतर क्यों है।
