आकाश एजुकेशनल सर्विसेज़ लिमिटेड (AESL) ने भारतीय सेना के जवानों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। अयोध्या में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कंपनी ने बताया कि उसने भारतीय सेना के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और कल्याणकारी लाभ प्रदान करना है।
इस पहल के तहत आकाश इंस्टीट्यूट देशभर में अपने सभी केंद्रों पर सेना के जवानों के बच्चों को विशेष सुविधाएं और छात्रवृत्तियां उपलब्ध कराएगा। कंपनी ने कहा है कि ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के बच्चों को 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट दी जाएगी। इसके अलावा, ऐसे सैनिक जो 20 प्रतिशत से अधिक विकलांगता का सामना कर चुके हैं या जिन्हें वीरता पुरस्कार प्राप्त हुआ है, उनके बच्चों को भी 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफी का लाभ मिलेगा।
वहीं, सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों के लिए भी विशेष रियायत की व्यवस्था की गई है। उन्हें आकाश के विभिन्न कोर्सों में दाखिले के दौरान ट्यूशन फीस पर 20 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी। कंपनी का मानना है कि इससे सैनिकों के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
आकाश एजुकेशनल सर्विसेज़ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा कि यह पहल सैनिकों के बलिदान और समर्पण के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों के परिवारों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलना बेहद जरूरी है।
उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी पहले भी सुरक्षा बलों के परिवारों के लिए ऐसी पहल कर चुकी है। इससे पहले आकाश इंस्टीट्यूट ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के साथ भी इसी तरह की साझेदारी की थी, जिसके तहत जवानों के बच्चों को शैक्षणिक सहायता प्रदान की गई थी।
