ड्रग्स के खिलाफ गुजरात पुलिस का ऐतिहासिक फैसला: अब हर जिले में काम करेगी ‘एंटी नारकोटिक्स विंग’

Nikhil Malhotra
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देश में सबसे लंबी समुद्री सीमा वाले गुजरात को पूरी तरह से ‘ड्रग-फ्री’ बनाने के लिए पुलिस ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। गुजरात पुलि…

देश में सबसे लंबी समुद्री सीमा वाले गुजरात को पूरी तरह से ‘ड्रग-फ्री’ बनाने के लिए पुलिस ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। गुजरात पुलिस ने न केवल अपने राज्य में, बल्कि देश के अन्य राज्यों के युवाओं को भी नशे के काले कारोबार से बचाने के लिए आक्रामक और परिणामकारी कार्रवाई शुरू की है

पिछले 5 सालों के आंकड़ों के मुताबिक, गुजरात पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 3,700 से ज्यादा मामले दर्ज कर 5,346 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान करीब Rs 13,600 crore से ज्यादा कीमत का 1.36 lakh kg से अधिक ड्रग्स जब्त किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की कमर टूट गई है

ड्रग्स के खिलाफ इस लड़ाई को और तेज करने के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक ज्ञानेन्द्र मलिक ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य स्तर पर कार्यरत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की तर्ज पर अब हर जिले और पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर भी ‘एंटी नारकोटिक्स विंग’ (ANW) की स्थापना कर काम शुरू किया जाएगा

प्रत्येक ANW यूनिट में 1 पुलिस निरीक्षक (PI), 1 पुलिस उपनिरीक्षक (PSI), 2 ASI/हेड कांस्टेबल और 4 पुलिस कांस्टेबल सहित कुल 8 सक्षम अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तैनात रहेगी। इसके साथ ही इन टीमों को त्वरित कार्रवाई के लिए अलग से वाहन और ड्राइवर आवंटित किया जाएगा

जिला स्तर पर यह यूनिट सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) के पर्यवेक्षण में काम करेगी। जबकि अहमदाबाद शहर में 2, सूरत शहर में 2, वडोदरा शहर में 1 और राजकोट शहर में 1 यूनिट संयुक्त या अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (CP) के सीधे पर्यवेक्षण और मार्गदर्शन में काम संभालेगी

एंटी नारकोटिक्स विंग एक ‘स्पेशलाइज्ड टास्क फोर्स’ के रूप में ही काम करेगी और यह केवल NDPS से संबंधित मामलों और अपराधों पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस विशेष टीम को कोई अन्य सामान्य कानून-व्यवस्था का काम नहीं सौंपा जाएगा, ताकि वे पूरी क्षमता के साथ ड्रग्स नेटवर्क पर ध्यान दे सकें

ANTF द्वारा चिन्हित ड्रग पेडलर्स और हॉटस्पॉट्स पर ANW लगातार निगरानी रखेगी। ड्रग्स के आदतन अपराधियों के खिलाफ PIT-NDPS के तहत निवारक कार्रवाई करने के लिए यह विंग सीधे CID क्राइम को आवश्यक प्रस्ताव भेजेगी

ANW के गठन के बाद भी स्थानीय पुलिस स्टेशनों को अपने स्तर पर NDPS मामलों की खोज जारी रखनी होगी। यदि ANW की जांच या छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस की किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई सामने आती है, तो ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी

गुजरात देश का पहला राज्य है जिसने ड्रग नेटवर्क पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों और मुखबिरों के लिए ‘ड्रग रिवॉर्ड पॉलिसी’ तथा ‘आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन’ नीति लागू की है। इसके अलावा, डार्क वेब और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कड़ियों को पकड़ने के लिए देश में पहली बार AI आधारित ‘NARIT’ सॉफ्टवेयर के जरिए वैज्ञानिक जांच शुरू की गई है

स्रोत: readnownews.in

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