दिल्ली में महिलाओं के लिए जारी ‘सहेली स्मार्ट पिंक कार्ड’ को लेकर चल रही अफवाहों पर राजधानी की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को साफ़ शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला एक बस में पिंक कार्ड टैप कर चुकी है और तुरंत दूसरी बस में चढ़ती है, तो भी कार्ड पूरी तरह से काम करेगा। दोबारा टैप करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
अफवाहों पर CM ने किया विराम
वीडियो संदेश में सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि कुछ राजनीतिक लोग पिंक कार्ड को लेकर गलत अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया,
“यदि आपके पास पिंक कार्ड है, तो आप एक बस में टैप करें और अगर आपको तुरंत दूसरी बस में चढ़ना है, चाहे 5 मिनट या 10 मिनट के भीतर, आपका कार्ड 100% काम करेगा।”
रोजाना 20 लाख महिला ट्रिप्स
सीएम ने बताया कि DTC की बसों में रोजाना लगभग 45 लाख ट्रिप्स होती हैं, जिनमें से करीब 20 लाख ट्रिप्स महिलाएं करती हैं। पिंक कार्ड लागू होने से ट्रैवल के खर्च का सही हिसाब-किताब सरकार के पास रहेगा। इससे महिलाओं के ट्रैवल पर खर्च में पारदर्शिता आएगी और किसी निजी लाभ की संभावना खत्म होगी।
पिंक कार्ड के फायदे
रेखा गुप्ता ने कहा कि पिंक कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि महिलाओं के ट्रैवल का खर्च सीधे सरकार द्वारा भुगतान किया जाएगा, बिना किसी भ्रष्टाचार या किसी अन्य निजी व्यक्ति के लाभ के। इससे महिलाओं को निशुल्क और सुरक्षित यात्रा का भरोसा मिलेगा।
कार्ड बनवाने में कोई परेशानी नहीं
सीएम ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि पिंक कार्ड अब आराम से बनवाए जा सकते हैं। यह सुविधा अगले 3 महीनों तक जारी रहेगी। कोई लंबी लाइन या अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। महिलाएं दिन में कितनी भी बार, किसी भी समय अंतराल पर बस में यात्रा कर सकती हैं, और उनका सफर पूरी तरह निशुल्क रहेगा।
इस घोषणा के साथ राजधानी में पिंक कार्ड के उपयोग को लेकर फैली भ्रांतियों को समाप्त कर दिया गया है और महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन यात्रा और भी सरल और सुरक्षित हो गई है।
