देश के कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई ठप होने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा मालिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार ने इस संकट को देखते हुए देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है, ताकि गैस की जमाखोरी रोकी जा सके और जरूरी सप्लाई सुनिश्चित हो।
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कौन-कौन से राज्य प्रभावित हैं?
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगी हुई है।
- मुंबई: लगभग 20% होटल और रेस्टोरेंट बंद।
- पुणे: नगर निगम ने गैस शवदाह गृह अस्थायी रूप से बंद किए।
- उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी में डिलीवरी 4-5 दिन देर से हो रही।
- मध्य प्रदेश और राजस्थान: होटल और रेस्टोरेंट संचालक सप्लाई बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
- छत्तीसगढ़: एजुकेशनल इंस्टीट्यूट और हॉस्पिटल को छोड़कर अन्य सभी को गैस रोक दी गई।
गैस वितरण का नया नियम
सरकार ने गैस वितरण को 4 कैटेगरी में बांटा है:
- पूरी सप्लाई: घरेलू रसोई गैस (PNG) और CNG पूरी मिलेगी।
- खाद कारखाने: केवल 70% गैस, उपयोग प्रमाणित करने पर।
- बड़े उद्योग: लगभग 80% गैस।
- छोटे होटल/व्यवसाय: पुरानी खपत के अनुसार लगभग 80% गैस।
संकट की वजहें
- हॉर्मुज जलमार्ग बंद: ईरान युद्ध और सुरक्षा खतरे के कारण टैंकर सुरक्षित नहीं हैं। यह मार्ग विश्व के कुल तेल सप्लाई का 20% संभालता है।
- कतर LNG प्लांट पर ड्रोन हमला: भारत की जरूरत का 40% LNG कतर से आता है, जो प्रभावित हुआ।
सरकार के कदम
- हाई-लेवल कमेटी बनाई।
- एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के आदेश।
- डिलीवरी में OTP/बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य।
- घरेलू सिलेंडर की बुकिंग अब 25 दिन बाद ही।
गैस की नई कीमतें
- दिल्ली में 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर: ₹913 (पहले ₹853)
- 19 किलो कॉमर्शियल सिलेंडर: ₹1,883
होटल और रेस्टोरेंट पर असर
होटल और रेस्टोरेंट संचालक कह रहे हैं कि यदि सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो अगले कुछ दिनों में देशभर के आधे से ज्यादा होटल बंद हो सकते हैं। छोटे व्यवसायों और ढाबों के लिए यह संकट बेहद गंभीर है।
