दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा हाल ही में गिरफ्तार किए गए कथित ISI-संबंधित आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मॉड्यूल का संचालन कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी मुन्ना झिंगाड़ा द्वारा पाकिस्तान के कराची से किया जा रहा था।
कराची से कथित संचालन
जांच में सामने आया है कि मुन्ना झिंगाड़ा कराची में एक सुरक्षित ठिकाने से अपने नेटवर्क के संपर्क में था। आरोप है कि वह वीडियो कॉल और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए भारत में सक्रिय लोगों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए था।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि नेटवर्क के कुछ सदस्यों को आर्थिक सहायता और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे थे। जांच एजेंसियां इन दावों की पुष्टि के लिए विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
हथियारों की सप्लाई को लेकर जांच
सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि सीमावर्ती क्षेत्रों के माध्यम से हथियार और विस्फोटक सामग्री भारत में पहुंचाने की कोशिश की गई थी। इस संबंध में बरामदगी और गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर आगे की जांच जारी है।
अंडरवर्ल्ड नेटवर्क को पुनर्गठित करने की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि अंडरवर्ल्ड के पुराने नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की जा रही थी। जांचकर्ताओं का मानना है कि कुछ पुराने संपर्कों और नए सदस्यों की मदद से संगठन को दोबारा मजबूत करने की योजना बनाई जा रही थी।
कई राज्यों में जांच का दायरा बढ़ा
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के तार देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, डिजिटल संचार और नेटवर्किंग से जुड़े पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई किए जाने से संभावित आपराधिक और आतंकी गतिविधियों को रोकने में सफलता मिली है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।


