केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मंगलवार देर रात भूस्खलन की एक बड़ी घटना सामने आई, जिससे रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग–गौरीकुंड क्षेत्र में मुनकटिया के पास मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया। इस अचानक हुए भूस्खलन के कारण केदारनाथ जा रहे और लौट रहे हजारों श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए।
घटना के समय रात का समय था और मौसम भी खराब चल रहा था, जिससे स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण लगातार मलबा गिरने से राहत और बचाव कार्य में भी कठिनाई आ रही थी। वहीं, यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
सूचना मिलते ही उत्तराखंड एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमों ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। टीमों ने जोखिम भरे हालातों में काम करते हुए यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का प्रयास किया। लगातार कई घंटों तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासन ने बेहतरीन समन्वय दिखाया।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के दौरान 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं मिली है, जिससे प्रशासन और राहत दलों ने राहत की सांस ली।
रातभर चले इस अभियान के बाद मलबा हटाकर मार्ग को आंशिक रूप से यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। हालांकि, प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी है।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं।


