लातूर/पुणे: NEET पेपर लीक मामले की जांच में तेजी आ गई है। इस केस में गिरफ्तार रिटायर्ड लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से CBI लगातार पूछताछ कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कुलकर्णी किन-किन परीक्षाओं के पेपर सेटिंग प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं और क्या उनकी भूमिका पहले के मामलों में भी रही है।
पहले भी पेपर सेटिंग से जुड़ाव की जांच
सूत्रों के अनुसार, पीवी कुलकर्णी पर शक है कि उन्होंने NEET 2024 और अन्य परीक्षाओं में भी भूमिका निभाई हो सकती है। जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि रिटायरमेंट से पहले वे किन पेपर्स की सेटिंग प्रक्रिया का हिस्सा रहे थे।
कोचिंग नेटवर्क और छात्रों से संपर्क
जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी और उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे ने महाराष्ट्र के कई हिस्सों में संगठित तरीके से छात्रों से संपर्क किया। इस नेटवर्क में कुछ कोचिंग संस्थानों और एजेंट्स की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। कथित तौर पर कमजोर छात्रों को टारगेट कर उन्हें इस रैकेट से जोड़ा जाता था।
डेटा एक्सेस और पैसों का लेन-देन
सूत्रों के मुताबिक, कुलकर्णी के पास छात्रों से जुड़ा डेटा था, जिसे आगे मनीषा वाघमारे के साथ साझा किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा के आसपास संदिग्ध लेन-देन हुए, जिसमें अलग-अलग छात्रों से अलग-अलग रकम वसूली गई।
कुछ मामलों में लाखों रुपये और कुछ मामलों में छोटी रकम लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे इस नेटवर्क के काम करने के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं।
लातूर पैटर्न पर भी जांच की नजर
लातूर, जो कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है, अब इस पूरे मामले के कारण जांच के दायरे में है। CBI यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी कोचिंग सिस्टम या परीक्षा प्रक्रिया का दुरुपयोग कर पेपर लीक को अंजाम दिया गया। फिलहाल CBI की टीम लातूर में मौजूद है और कई कोचिंग संस्थानों, छात्रों और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है।


