एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में सामने आया है कि Google Play Store पर मौजूद 28 फर्जी Android ऐप्स को लाखों बार डाउनलोड किया गया, जो यूजर्स से धोखाधड़ी कर पैसे ऐंठ रहे थे। सिक्योरिटी रिसर्च कंपनी ESET के अनुसार, इन ऐप्स को अब तक 73 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।
कैसे करते थे ठगी?
रिपोर्ट के मुताबिक, ये ऐप्स दावा करते थे कि वे किसी भी नंबर की कॉल हिस्ट्री, SMS डिटेल्स और यहां तक कि WhatsApp कॉल रिकॉर्ड भी दिखा सकते हैं। रिसर्चर्स ने इस पूरे नेटवर्क को “CallPhantom” नाम दिया है। वास्तव में ये ऐप्स कोई असली डेटा नहीं निकालते थे, बल्कि पहले से तैयार नकली कॉल रिकॉर्ड दिखाकर यूजर्स को गुमराह करते थे।
सब्सक्रिप्शन के नाम पर वसूली
जब यूजर्स पूरी जानकारी देखने की कोशिश करते थे, तो उनसे पैसे या सब्सक्रिप्शन फीस मांगी जाती थी। कई ऐप्स UPI सपोर्ट के साथ भारतीय यूजर्स को खास तौर पर टारगेट कर रहे थे। कुछ मामलों में सालाना सब्सक्रिप्शन की कीमत हजारों रुपये तक थी।
भारत समेत एशिया पर निशाना
रिपोर्ट में बताया गया कि इन ऐप्स का मुख्य टारगेट भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के यूजर्स थे। कई ऐप्स में +91 कंट्री कोड पहले से सेट था, जिससे भारतीय यूजर्स को आसानी से फंसाया जा सके।
Google ने हटाए ऐप्स
ESET ने दिसंबर 2025 में इन ऐप्स की जानकारी Google को दी, जिसके बाद सभी 28 ऐप्स को Play Store से हटा दिया गया। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फर्जी ऐप्स नए नामों के साथ फिर से सामने आ सकते हैं।
सावधानी जरूरी
साइबर एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि किसी भी ऐसे ऐप पर भरोसा न करें जो बिना अनुमति किसी की निजी जानकारी दिखाने का दावा करता हो। कॉल रिकॉर्ड, SMS या WhatsApp डेटा जैसी जानकारी बिना अधिकार के प्राप्त करना संभव नहीं है। यूजर्स को केवल भरोसेमंद डेवलपर के ऐप्स ही डाउनलोड करने चाहिए।


