झारखंड – 6 साल की उम्र में ट्रेन से भटककर केरल पहुंच गया राजा गोप अब 19 साल का होकर अपने परिवार से दोबारा मिल गया। इस मुलाकात ने झारखंड के हरिमारा गांव में उत्सव का माहौल पैदा कर दिया। एनजीओ और चाइल्ड वेलफेयर टीम की मदद से राजा का गांव पता चला और उसे सुरक्षित वापस लाया गया।
राजा गोप केवल 6 साल का था जब अपने पिता के साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के ईंट भट्ठे पर गया था। भीड़ में वह बिछड़ गया और गलती से केरल जाने वाली ट्रेन में चढ़ गया। ट्रेन उसे एर्नाकुलम ले गई, जहां स्थानीय एक्टिविस्ट्स ने उसे बचाया और शेल्टर होम में रखा। उस समय राजा को सिर्फ अपने माता-पिता के नाम याद थे, लेकिन वह अपने गांव का नाम नहीं बता पाया।
इस साल फरवरी में राजा को कन्नूर चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के स्किल डेवलपमेंट और रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम के तहत भेजा गया। वहां एनजीओ ‘रेलवे चिल्ड्रेन’ की मदद से उसका वीडियो झारखंड में दिखाया गया और उसके परिवार का पता चला।
मंगलवार को हरिमारा गांव में राजा का भव्य स्वागत हुआ। बच्चों ने ढोल-नगाड़े बजाए और महिलाओं ने पारंपरिक आदिवासी नृत्य किया। राजा ने अपनी मां और चार बहनों को गले लगाया। उनकी मां मानी गोप ने कहा, “मैं चाहती हूं कि वह हमारे साथ रहे, लेकिन मैं जानती हूं कि वह केरल में फुटबॉल खेल रहा है और अपनी पढ़ाई पूरी करेगा। मैं उसे नहीं रोकूंगी।”
राजा ने भी कहा, “मैं अपने परिवार से मिलकर बहुत खुश हूं। पढ़ाई और नौकरी के बाद उन्हें केरल ले जाने की कोशिश करूंगा।” इस पूरे मामले में झारखंड और केरल की सरकारों ने मिलकर काम किया। सोनुआ पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि सभी दस्तावेज तैयार करने में समय लगा, और राजा के पिता 4 साल पहले गुजर गए थे।
राजा अब अपने परिवार के साथ कुछ दिन बिताएगा और उसके जीवन में यह मुलाकात नई शुरुआत लेकर आई है।
