नई दिल्ली लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को ध्वनिमत से गिर गया। प्रस्ताव पर चर्चा के बाद स्पीकर ने सदन में अपनी बात रखते हुए विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया और कहा कि वह सदन के सभी सदस्यों की बातों का सम्मान करते हैं।
ओम बिरला ने कहा कि उन पर विपक्ष की आवाज़ दबाने और संसदीय प्रक्रियाओं का पालन न करने के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा निष्पक्षता के साथ सदन का संचालन करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जो सदस्य उनके पक्ष में बोले और जो उनके खिलाफ बोले, दोनों का वह सम्मान करते हैं और सदन द्वारा उन पर विश्वास जताने के लिए सभी सांसदों का धन्यवाद करते हैं।
विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया था कि कई बार उनके बोलने के दौरान माइक बंद कर दिया जाता है, यहां तक कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi का भी माइक बंद किया जाता है। इन आरोपों पर स्पीकर ने स्पष्ट किया कि आसन के पास किसी का माइक ऑन या ऑफ करने का कोई बटन नहीं होता।
उन्होंने फरवरी के पहले सप्ताह की उस घटना का भी जिक्र किया जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi का भाषण प्रस्तावित होने के बावजूद नहीं हुआ था। ओम बिरला ने बताया कि उस दिन विपक्ष की कुछ महिला सांसद वेल में आकर ट्रेजरी बेंच के पास नारेबाजी कर रही थीं, जिससे अप्रत्याशित स्थिति बन सकती थी। इसलिए उन्होंने सदन के नेता को उस दिन सदन में न आने की सलाह दी थी।
वहीं चर्चा के दौरान गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि करीब चार दशक बाद किसी लोकसभा स्पीकर के खिलाफ ऐसा प्रस्ताव आया है।
उधर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें कई बार सदन में बोलने से रोका जाता है। उन्होंने कहा कि संसद पूरे देश की आवाज़ है और यहां सभी को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए।
