7 साल बाद भारत आए चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग, आज शाम पीएम मोदी के साथ होगी महा-बैठक

Nikhil Malhotra
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राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित 12-13 सितंबर तक चलने वाले इस 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही पहुंच चुके हैं। ऐसे में जिनपि…

राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित 12-13 सितंबर तक चलने वाले इस 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही पहुंच चुके हैं। ऐसे में जिनपिंग के आने से समिट का वजन और बढ़ गया है। आज ही दुनिया की नजरें उस सबसे पावरफुल मुलाकात पर टिकी हैं, जब शाम 5 बजकर 45 मिनट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग आमने-सामने होंगे

साल 2020 की गलवान घटना के बाद से भारत और चीन के रिश्ते ठंडे बस्ते में चले गए थे। हालांकि, दोनों देश अब अपने द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश में जुटे हैं। भारत ने अपनी नीति स्पष्ट करते हुए बार-बार कहा है कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच सामान्य रिश्तों और विकास के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता का होना अनिवार्य है।

हाल ही में बिश्केक में हुए एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई थी, लेकिन दिल्ली की इस हाई-लेवल मीटिंग में रिश्तों की गर्माहट को लेकर विस्तृत चर्चा की उम्मीद है

11 सदस्यीय ब्रिक्स समूह ऐसे समय में मिल रहा है जब दुनिया के सामने कई गंभीर भू-राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हैं। फिलहाल, शी जिनपिंग पालम एयरपोर्ट से सीधे भारत मंडपम के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां वे ब्रिक्स के सत्रों में हिस्सा लेंगे और शाम को होने वाली द्विपक्षीय वार्ता के जरिए भारत-चीन संबंधों के नए अध्याय की रूपरेखा तय करेंगे

राष्ट्रपति जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। 2 दिग्गज नेताओं की इस मुलाकात पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई है। कजान और तियानजिन के बाद ये लगातार तीसरा साल होगा, जब दोनों नेता आमने-सामने मिलेंगे। भारत में चीन के राजदूत शू फीहोंग ने कहा कि बीजिंग और नई दिल्ली, शी और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि चीन, दोनों नेताओं द्वारा दिए गए रणनीतिक मार्गदर्शन को लागू करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा

उन्होंने कहा कि चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन पर अमल करने, रणनीतिक ऊंचाई और दीर्घकालिक नजरिए से द्विपक्षीय संबंधों को संभालने, बातचीत बढ़ाने, सहयोग को मजबूत करने, मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने और अच्छे पड़ोसी व एक-दूसरे की सफलता में मददगार साझेदार के तौर पर दोस्ती निभाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा

स्रोत: readnownews.in

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