कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले और अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले समाज के उन वर्गों को लंबे समय तक अपेक्षित अधिकार और सम्मान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ऐसे वंचित और विस्थापित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें संवैधानिक अधिकार दिलाने की दिशा में काम कर रही है।
संजय निषाद ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि देश की आजादी के लिए अनेक लोगों ने बलिदान दिया, संघर्ष किया और कठिन परिस्थितियों का सामना किया। इसके बावजूद पिछली सरकारों के कार्यकाल में ऐसे समाजों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का प्रयास है कि इन समुदायों को अवसर, सम्मान और विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए संजय निषाद ने कहा कि यदि सत्ता में रहते शहीदों को सम्मान दिया जाता, तिरंगा यात्राएं निकाली जातीं और आजादी के संघर्ष में योगदान देने वाले वंचित एवं उजड़े समाज के उत्थान के लिए ठोस कदम उठाए जाते, तो उसका महत्व अलग होता। उन्होंने कहा कि अब सरकार ऐसे समुदायों को सम्मान देने और उनके विकास के लिए काम कर रही है।
महिलाओं की उपेक्षा का लगाया आरोप
संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी पर महिलाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि उसके शासनकाल में महिलाओं के लिए अपेक्षित स्तर पर काम नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने अपने कार्यकाल में महिलाओं के हित में पर्याप्त कदम नहीं उठाए, उनसे बड़े बदलाव की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
पैसा बांटने के बजाय रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लोगों को केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय ऐसी नीतियां और व्यवस्थाएं विकसित करने की जरूरत है, जिनसे वे आत्मनिर्भर बन सकें। उनके मुताबिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और लोगों को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग देना ज्यादा प्रभावी समाधान है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य जरूरतमंद और कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना है। जो समुदाय लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उन्हें अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके अधिकारों की रक्षा के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
संजय निषाद ने कहा कि सरकार विस्थापित और वंचित समुदायों को दोबारा स्थापित करने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के संवैधानिक अधिकारों के लिए उनकी आवाज आगे भी उठती रहेगी।


