कला और संस्कृति के जरिए युवाओं को अपनी बात रखने का मंच देने वाला प्रदेशव्यापी अभियान ‘रंग दे बसंती’ लगातार विस्तार ले रहा है। अभियान के तहत मुजफ्फरनगर में युवाओं ने ‘बदलता उत्तर प्रदेश’ विषय पर कॉमिक्स के जरिए अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में युवाओं ने कॉमिक्स का वितरण किया। इनमें उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सामाजिक माहौल, विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को रचनात्मक तरीके से सामने रखने का प्रयास किया।
कॉमिक्स में दिखाई पलायन से घर वापसी की कहानी
कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने एक काल्पनिक युवक की कहानी के जरिए मुजफ्फरनगर में वर्ष 2013 की हिंसा के बाद हुए पलायन और बाद में परिस्थितियों में बदलाव की कहानी को चित्रित किया।
कॉमिक्स के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया गया कि बेहतर कानून-व्यवस्था और अनुकूल सामाजिक वातावरण मिलने पर लोग अपने घर और क्षेत्र की ओर लौटने का फैसला कर सकते हैं।
युवाओं ने कला के जरिए रखे अपने विचार
कार्यक्रम में युवा कलाकारों ने कॉमिक्स और चित्रों के जरिए उत्तर प्रदेश में आए बदलावों को दर्शाया। रचनाओं में एक ओर अतीत की चुनौतियों और असुरक्षा को दिखाया गया, तो दूसरी ओर कानून-व्यवस्था, विकास, रोजगार और युवाओं से जुड़े अवसरों को भी विषय बनाया गया।
युवा कलाकारों ने अपने अनुभव और कल्पनाओं को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रचनात्मक अभिव्यक्ति भी प्रभावी माध्यम हो सकती है।
लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील
कार्यक्रम में युवा नमन त्यागी ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी समस्याओं और विचारों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों से सामने रखें। उनका कहना था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल उचित मंच के जरिए किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रचनात्मक माध्यमों से समस्याओं और विचारों को सामने रखने से संवाद का रास्ता खुलता है और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में मदद मिलती है।
विरोध और अभिव्यक्ति के लिए रचनात्मक माध्यम का संदेश
युवा कलाकार निकुंज ने अपनी कॉमिक्स के जरिए संदेश दिया कि हिंसा, दंगा या उपद्रव किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उनके मुताबिक, विरोध और असहमति को कला, लेखन और अन्य रचनात्मक माध्यमों के जरिए भी व्यक्त किया जा सकता है।
कॉमिक्स में उन्होंने उत्तर प्रदेश की पिछली परिस्थितियों और उसके बाद हुए बदलावों को अपने नजरिए से प्रस्तुत किया।
युवाओं की रचनात्मकता को मंच देने का प्रयास
‘रंग दे बसंती’ अभियान के जरिए युवाओं को कला, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखने का अवसर दिया जा रहा है। मुजफ्फरनगर में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी पहल का हिस्सा रहा, जिसमें युवाओं ने कॉमिक्स के जरिए अपने विचारों और प्रदेश को लेकर अपनी कल्पना को सामने रखा।


