अमित शाह के बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार, बोले- ‘देश भाषण सुनने के मूड में नहीं’

shikha verma
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संसद के मॉनसून सत्र में छात्रों से जुड़े मुद्दे पर जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। अमित शाह ने कहा था कि वह 13 अगस्त को सदन में इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा कि देश सिर्फ भाषण सुनना नहीं, बल्कि जवाब और जवाबदेही चाहता है।

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार के तय समय पर बयान देने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद में जवाब देने के लिए सरकार की ओर से समय-सीमा तय करना अपने आप में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक जवाब देने के बजाय केवल औपचारिक बयान देकर सत्र समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी और जवाबदेही किसी तय समय-सीमा से नहीं, बल्कि मुद्दे की गंभीरता के अनुरूप निभाई जानी चाहिए।

छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा क्या है?

20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया और छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेता सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। विपक्ष की मांग है कि पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा हो और सरकार स्थिति स्पष्ट करे।

अमित शाह ने क्या कहा था?

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि अगर विपक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार होता है तो वह सदन में उठाए गए हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और चर्चा के जरिए स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

शाह के मुताबिक, चर्चा होने पर सरकार तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखेगी। वहीं, विपक्ष का कहना है कि सरकार को सिर्फ बयान देने के बजाय पूरे मामले पर विस्तृत जवाब और जवाबदेही तय करनी चाहिए।

13 अगस्त को हो सकता है जवाब

मॉनसून सत्र की कार्यवाही 13 अगस्त को समाप्त होने वाली है। ऐसे में अमित शाह के प्रस्तावित बयान को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच राजनीतिक खींचतान और तेज हो गई है।

अब नजर इस बात पर है कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा किस तरह आगे बढ़ती है और गृह मंत्री के जवाब के बाद विपक्ष की प्रतिक्रिया क्या होती है।

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