लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल, 24 दिन में उभरे 80 से अधिक गड्ढे

shikha verma
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को कानपुर से जोड़ने वाले 64 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था। हालांकि, उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क पर गड्ढे और दरारें दिखाई देने लगीं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

24 दिनों में सामने आए 80 से अधिक गड्ढे

रिपोर्ट के अनुसार, 6 अगस्त तक एक्सप्रेसवे पर 80 से अधिक गड्ढे और कई स्थानों पर दरारें दर्ज की गईं। सड़क के विभिन्न हिस्सों में मरम्मत का काम जारी है। कुछ स्थानों पर सड़क धंसी हुई दिखाई दी, जबकि पैचवर्क भी उखड़ता नजर आया। बारिश से बचाव के लिए मरम्मत वाले हिस्सों को पन्नी से ढका गया और नमी सुखाने के लिए पंखों का इस्तेमाल किया गया।

NHAI की बड़ी कार्रवाई

मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने निर्माण कंपनी PNC Infratech Limited को नोटिस जारी किया है। कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया है और उस पर परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। एक्सप्रेसवे की मरम्मत का लगभग 3 करोड़ रुपये का खर्च भी कंपनी ही वहन करेगी। साथ ही, मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

अधिकारियों पर भी कार्रवाई

निर्माण कार्य में कथित लापरवाही के आरोप में प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया गया है। इन अधिकारियों पर दो वर्षों तक NHAI और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की परियोजनाओं में कार्य करने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग भेज दिया गया है, जबकि अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क की मरम्मत की जरूरत पड़ना निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी पूछा कि जब कुछ ही हफ्तों में सड़क की हालत खराब हो गई, तो आम लोग उस पर सुरक्षित यात्रा कैसे करेंगे।

तकनीकी जांच होगी

NHAI ने पूरे एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता की जांच के लिए लेजर प्रोफिलोमीटर से पेवमेंट टेस्ट कराने का फैसला किया है। इसके अलावा, IIT खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम भी निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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