योगी सरकार की राजस्व व्यवस्था को नई ताकत, 6,252 प्रशिक्षु लेखपालों की सेवा प्रक्रिया शुरू

shikha verma
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उत्तर प्रदेश की राजस्व व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश ने सीधी भर्ती के माध्यम से चयनित और नियुक्त 6,252 नवचयनित प्रशिक्षु लेखपालों की विभागीय अर्हकारी परीक्षा-2025 का परिणाम 3 अगस्त 2026 को अनुमोदित कर दिया है।

राजस्व परिषद की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन प्रशिक्षु लेखपालों को प्रदेश के विभिन्न मंडलीय राजस्व प्रशिक्षण विद्यालयों में निर्धारित पाठ्यक्रम के तहत सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विभागीय अर्हकारी परीक्षा आयोजित की गई, जिसका परिणाम अब स्वीकृत कर दिया गया है।

सेवा संबंधी प्रक्रिया को मिलेगी तेजी

परीक्षा परिणाम अनुमोदित होने के बाद अब नवचयनित लेखपालों की सेवा से जुड़ी आगामी कार्यवाही तेज होगी। राजस्व परिषद ने संबंधित मंडलीय राजस्व प्रशिक्षण विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षु लेखपालों के प्राप्तांकों के आधार पर नियमानुसार अंक-पत्र तैयार कर संबंधित जिलाधिकारियों के माध्यम से उनका शीघ्र वितरण सुनिश्चित कराया जाए।

राजस्व सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती

प्रदेश में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित लेखपालों की उपलब्धता से ग्रामीण स्तर पर राजस्व कार्यों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है। इससे भूमि अभिलेखों के रखरखाव, नामांतरण, सीमांकन, विरासत, अंश निर्धारण, त्रुटि सुधार और आम नागरिकों से जुड़े अन्य राजस्व मामलों के समाधान में सहूलियत होगी।

नए लेखपालों की नियुक्ति से राजस्व प्रशासन अधिक सक्षम, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा तथा जनता को समयबद्ध तरीके से बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

राजस्व परिषद अध्यक्ष ने दी शुभकामनाएं

राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने सफल प्रशिक्षु लेखपालों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करें।

उन्होंने कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनकी कार्यकुशलता से ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व सेवाओं की गुणवत्ता और जनता का विश्वास दोनों मजबूत होते हैं।

उन्होंने नवप्रशिक्षित लेखपालों से आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग करते हुए राजस्व सेवाओं को सरल, सुलभ और अधिक जनहितकारी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा की।

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