समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे आलमबदी आजमी का बुधवार देर रात निधन हो गया। उन्होंने 92 वर्ष की उम्र में आजमगढ़ स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। उनका इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भी हुआ था। स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने के बाद उन्हें 13 जुलाई को घर भेज दिया गया था, जहां बुधवार रात करीब 12:30 बजे उनका निधन हो गया।
उनके निधन की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। क्षेत्र में उनके निधन से शोक की लहर है।
राजनीतिक सफर रहा लंबा
आलमबदी आजमी का जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील के बिंदवल गांव में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर के मियां साहब इस्लामिया इंटर कॉलेज से हुई, जहां उनके पिता शिक्षक थे।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत लंबे संघर्ष के साथ की। वर्ष 1989 में उन्होंने पहली बार आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। इसके बाद वे निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुने गए।
पांच बार रहे विधायक
आलमबदी आजमी ने वर्ष 1996 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद 2002 में उन्होंने दोबारा जीत दर्ज की।
2007 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने 2012 में वापसी करते हुए फिर जीत हासिल की। इसके बाद 2017 और 2022 में भी वे लगातार विधायक चुने गए।
2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार मनोज यादव को 34,187 वोटों के अंतर से हराकर निजामाबाद सीट पर जीत दर्ज की थी।
सादगी और जनसरोकार के लिए पहचान
आलमबदी आजमी को उनकी सादगी और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जाना जाता था। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने उनके निधन को पार्टी और क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति बताया।
आजमगढ़ सदर से समाजवादी पार्टी विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा कि आलमबदी आजमी एक आदर्श और जनसेवा के प्रति समर्पित नेता थे। उन्होंने हमेशा जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और अपने सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहे।
उन्होंने कहा कि आलमबदी आजमी का योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा और उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र को बड़ी क्षति हुई है।
अंतिम संस्कार आज
आलमबदी आजमी का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ आजमगढ़ के मुकेरीगंज स्थित जानेतुर्रशाद कब्रिस्तान में किया जाएगा। बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहे हैं।


