बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने लापरवाही और अनियमितताओं के आरोपों में चार अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय मंत्री दिलीप जायसवाल ने इन अधिकारियों के विरुद्ध आरोपपत्र गठित कर आगे की अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
नवादा सदर की DCLR वीणा कुमारी पर आरोप है कि उन्होंने टाइटल अपील लंबित रहने के बावजूद मोटेशन अपील में आदेश पारित किया। इस मामले में आरोपपत्र तैयार कर सामान्य प्रशासन विभाग को अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा भेजी गई है। अब आगे की कार्रवाई सामान्य प्रशासन विभाग करेगा।
वहीं, किशनगंज जिले के बहादुरगंज के अंचलाधिकारी आशीष कुमार सिंह पर अतिक्रमण से जुड़े मामलों को लंबे समय तक लंबित रखने और उन्हें RCMS पोर्टल पर दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया गया है। उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दानापुर के अंचलाधिकारी चंदन कुमार पर अवैध जमाबंदी के पुनर्गठन, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना तथा निर्वाचन और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं। विभाग ने उनके विरुद्ध भी अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
इसके अलावा, वर्तमान में खगड़िया में बंदोबस्त पदाधिकारी के रूप में कार्यरत मनोज कुमार दुबे, जो पहले नालंदा के रहुई अंचल में अंचलाधिकारी थे, पर ऑफलाइन अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ कर ऑनलाइन जमाबंदी कायम करने का आरोप है। इस मामले में भी आरोपपत्र गठित किया गया है।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि पिछले एक महीने के दौरान विभाग ने 63 राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न मामलों में कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, दाखिल-खारिज में अनियमितता, सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों में विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति आगे भी सख्ती से लागू रहेगी।


