बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन जनशक्ति दल (जेजेडी) की प्रत्याशी वीणा मानवी को 13 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किए जाने के बाद अदालत से जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपनी गिरफ्तारी और नामांकन प्रक्रिया को लेकर प्रशासन तथा सत्तारूढ़ दल पर कई आरोप लगाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीणा मानवी भावुक हो गईं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पूरे दिन मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और नामांकन प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार, प्रशासन ने गिरफ्तारी वारंट की जानकारी दी, लेकिन उन्हें उससे संबंधित दस्तावेज नहीं दिखाए गए।
वीणा मानवी ने आरोप लगाया कि उन्हें मेडिकल प्रक्रिया के नाम पर विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया, जिससे समय पर नामांकन दाखिल करने में कठिनाई हो। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्होंने निर्धारित समय के भीतर अपना नामांकन जमा कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि निर्वाचन आयोग निष्पक्ष तरीके से प्रक्रिया पूरी करेगा, तो उनका नामांकन सुरक्षित रहेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बांकीपुर सीट से जुड़े भाजपा नेता नितिन नवीन का भी उल्लेख करते हुए राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ जमानती धाराओं में कार्रवाई की गई, जबकि गंभीर आरोपों वाले लोगों के खिलाफ अलग रवैया अपनाया जाता है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वीणा मानवी ने कहा कि यदि भविष्य में भी उनके साथ इसी प्रकार का व्यवहार किया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएंगी। उनका कहना था कि जनता पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और अंतिम फैसला चुनाव के माध्यम से करेगी।
इस मामले पर जेजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी की उम्मीदवार को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अदालत से जमानत मिलने के बाद उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष होने की उम्मीद है।
प्रशासन या भारतीय जनता पार्टी की ओर से वीणा मानवी के आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही हो सकेगी।


