उद्घाटन से पहले कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की हालत पर सवाल, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

shikha verma
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले ही निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्नाव में बारिश के बाद एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में किनारों की मिट्टी बह गई, जबकि कुछ जगहों पर फेंसिंग भी क्षतिग्रस्त दिखाई दी।

करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस एक्सप्रेसवे का अभी औपचारिक लोकार्पण नहीं हुआ है। बारिश के बाद साइड सपोर्ट की मिट्टी बहने और निर्माण से जुड़े कुछ हिस्सों में नुकसान की तस्वीरें सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है।

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बयान पर विवाद

मामले को लेकर जब मंत्री दिनेश प्रताप सिंह से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि बारिश के बाद सड़कों में मरम्मत की जरूरत पड़ना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सड़क को बनाने के बाद समय-समय पर उसकी देखरेख और मरम्मत करनी पड़ती है।

मंत्री के बयान के बाद कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। यूपी कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाले प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सरकार और विभागों की है।

विभाग ने शुरू कराया मरम्मत कार्य

मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने प्रभावित हिस्सों में दोबारा मिट्टी भराई और क्षतिग्रस्त फेंसिंग की मरम्मत का काम शुरू कराया।

वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के कुछ हिस्सों में भी सड़क की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कुछ स्थानों पर सड़क खराब होने और निर्माण गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंताएं जताई गई हैं।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल किया जा रहा है। अब इसके उद्घाटन से पहले सामने आई इन कमियों को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर नजर बनी हुई है।

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