राम मंदिर दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और मंदिर प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि दान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं तो संबंधित एजेंसियों को इसकी जांच करनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं तो प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में क्या कार्रवाई कर रहा है।
कांग्रेस नेता ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष रहे नृपेंद्र मिश्रा का नाम लेते हुए कई आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और धार्मिक सामग्री के संबंध में उन्हें उचित रसीद नहीं मिली। इसके अलावा, उन्होंने मंदिर निर्माण और दान प्रबंधन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि धर्म को राजनीति और व्यापार का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सभी आस्थाओं के सम्मान की बात करता है और धार्मिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और वे स्वयं भी भगवान राम के भक्त हैं। उनके अनुसार, राम मंदिर से जुड़े किसी भी मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।
उल्लेखनीय है कि राम मंदिर दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसियों या संबंधित प्राधिकरणों की अंतिम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, इसलिए मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.


