राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद भी रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। राज्य सरकार का दावा है कि देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु लगातार अयोध्या पहुंच रहे हैं और मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन की व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित हो रही है।
सरकार के अनुसार, चोरी का मामला जांच के दायरे में है और पुलिस के साथ विशेष जांच दल (SIT) इसकी जांच कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जबकि श्रद्धालुओं की आस्था पहले की तरह कायम है।
दिल्ली से दर्शन के लिए आईं एक श्रद्धालु पूजा ने कहा कि उन्हें जांच एजेंसियों पर भरोसा है और इस घटना का उनकी धार्मिक आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा। वहीं, महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु रूपचंद्र मारवाड़ी ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और जांच प्रक्रिया अपने स्तर पर चलनी चाहिए।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का भी कहना है कि अयोध्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही सामान्य बनी हुई है। उनके मुताबिक होटल, धर्मशालाएं, बाजार और धार्मिक स्थल पहले की तरह संचालित हो रहे हैं तथा प्रसाद और पूजा सामग्री की बिक्री पर भी कोई खास असर नहीं पड़ा है।
स्थानीय व्यवसायियों ने बताया कि सुबह से देर रात तक बाजारों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रहती है। उनका कहना है कि बीते वर्षों में सड़क, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं में सुधार से पर्यटन और स्थानीय व्यापार को लाभ मिला है।
सरयू घाट पर फोटोग्राफी का कार्य करने वाले स्थानीय लोगों के अनुसार, श्रद्धालु स्नान और दर्शन के बाद पहले की तरह तस्वीरें खिंचवा रहे हैं। वहीं, ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि राम मंदिर, सरयू घाट और अन्य धार्मिक स्थलों तक यात्रियों की संख्या में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई है।
हनुमानगढ़ी क्षेत्र के दुकानदारों ने भी बताया कि प्रसाद और धार्मिक सामग्री की बिक्री सामान्य बनी हुई है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था भगवान श्रीराम और हनुमानजी के प्रति है, इसलिए जांच से जुड़े घटनाक्रम का दर्शन व्यवस्था पर फिलहाल कोई खास प्रभाव नहीं दिख रहा।
हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आने संबंधी दावे मुख्य रूप से सरकार और स्थानीय लोगों के बयानों पर आधारित हैं। चोरी मामले की जांच अभी जारी है और संबंधित एजेंसियां इसकी पड़ताल कर रही हैं।


