बहराइच: जिले में स्थित वक्फ नंबर-19 दरगाह सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद मामला गरमा गया है। इस पूरे प्रकरण की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग तेज हो गई है।
20 वर्षों के वित्तीय लेन-देन पर सवाल
आरोप है कि दरगाह प्रबंधन में पिछले लगभग 20 वर्षों के दौरान चढ़ावे, दान और चंदे की राशि में अनियमितताएं हुई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की SIT जांच की मांग की है।
पत्र में वक्फ प्रबंधन समिति में आने वाली धनराशि और उसके उपयोग की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई है। साथ ही पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों की भूमिका की जांच की भी मांग उठाई गई है।
दरगाह प्रबंधन और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
दरगाह से जुड़े कुछ लोगों ने भी आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। दरगाह के खादिम मोहम्मद मसूद अली ने कहा कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो मामले की गंभीर जांच होनी चाहिए और पारदर्शिता के साथ सच्चाई सामने आनी चाहिए।
वहीं, स्थानीय लोगों और कुछ समिति सदस्यों ने भी प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
प्रशासनिक जांच की मांग
मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज है और लोग पारदर्शी जांच की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। आरोपों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है, हालांकि अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक रूप से इनकी पुष्टि नहीं हुई है।
राम मंदिर विवाद से तुलना
इस मामले की चर्चा उस समय और बढ़ गई जब इसे अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े दान विवाद की चर्चाओं से जोड़ा जाने लगा। हालांकि राम मंदिर ट्रस्ट ने पहले ही स्पष्ट किया है कि दान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और नियमित ऑडिट तथा बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में गणना की जाती है। फिलहाल, इस मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।


