भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। उन्होंने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 355 विकेट पूरे करते हुए पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी के सर्वाधिक विकेटों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
दीप्ति ने यह उपलब्धि महिला टी20 विश्व कप में नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए ग्रुप-ए मुकाबले के दौरान हासिल की। मैच में उन्होंने तीन ओवर गेंदबाजी करते हुए एक विकेट लिया, जिसके साथ उनके अंतरराष्ट्रीय विकेटों की संख्या 355 तक पहुंच गई।
सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाजों में संयुक्त रूप से शीर्ष पर
महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में अब दीप्ति शर्मा और झूलन गोस्वामी संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर हैं। दोनों खिलाड़ियों के नाम 355-355 विकेट दर्ज हैं। इसके बाद कैथरीन साइवर-ब्रंट, एलिस पेरी और सोफी एक्लेस्टोन जैसी दिग्गज गेंदबाजों का स्थान आता है।
तीनों प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन
दीप्ति शर्मा का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों में प्रभावशाली रहा है। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 124 मैचों में 166 विकेट हासिल किए हैं और इस प्रारूप में भारत की दूसरी सबसे सफल गेंदबाज हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम 146 मैचों में 167 विकेट दर्ज हैं, जो उन्हें इस प्रारूप की सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल करता है। इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने 6 मैचों में 22 विकेट अपने नाम किए हैं।
स्मृति और शेफाली की अर्धशतकीय पारियां
मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 74 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि शेफाली वर्मा ने 55 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।
गेंदबाजों ने दिलाई बड़ी जीत
210 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड्स की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती नजर आई और 114 रन पर ऑलआउट हो गई। श्री चरनी ने चार विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि शेफाली वर्मा और नंदनी कश्यप ने भी महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।
ग्रुप-ए में शीर्ष पर पहुंचा भारत
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की और चार अंकों के साथ ग्रुप-ए की अंकतालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। वहीं, दीप्ति शर्मा की ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक और गौरवपूर्ण क्षण बन गई है।


