प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का व्यापक विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने विशेष रूप से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक पुनर्निर्माण की रूपरेखा साझा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर, जो लंबे समय तक हिंसा से प्रभावित रहा है, अब विकास, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था का मॉडल बनेगा। उन्होंने अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा।
सीएम साय ने बताया कि सरकार बस्तर में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ‘डेयरी मॉडल’ लागू कर रही है, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए स्थायी आय के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 32 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा विस्तार के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसान नकदी फसलों की ओर भी अग्रसर होंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए बस्तर के करीब 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है, जिससे इलाज और मेडिकल रिकॉर्ड प्रणाली अधिक प्रभावी होगी। इसके अलावा 200 सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध होगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चित्रकोट और सिरपुर जैसे स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। साथ ही वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर टूरिज्म और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सीएम ने बताया कि राज्य में एआई, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप और पर्यटन मिशन जैसे कई विकास मिशन शुरू किए गए हैं। शिक्षा और कौशल विकास के लिए नए एजुकेशन सिटी, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहा है, जिससे किसानों और कारीगरों की आय में वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ को एक आधुनिक, आत्मनिर्भर और निवेश-हितैषी राज्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।


