ख़ान सर-रौशन सर विवाद में नया मोड़, अदालत के फैसले पर सबकी नजर

shikha verma
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पटना में चर्चित शिक्षकों फैज़ल ख़ान (ख़ान सर) और रौशन आनंद (रौशन सर) के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। 2 जून 2026 को दोनों कोचिंग संस्थानों के समर्थकों के बीच हुई हिंसक घटना के बाद मामला अदालत तक पहुंच गया।

अदालत का ताज़ा फैसला

पटना सिविल कोर्ट ने ख़ान ग्लोबल स्टडीज़ के निदेशक फैज़ल ख़ान को अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर 20 जून तक रोक लगा दी है। दूसरी ओर, ज्ञान बिन्दु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित ख़ान ग्लोबल स्टडीज़ परिसर में हमला हुआ, जिसमें संस्थान के एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गए। घटना के बाद दर्ज एफआईआर में रौशन आनंद सहित कई लोगों को आरोपी बनाया गया।

इसके बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें ख़ान सर के दो सुरक्षा कर्मी हथियार चलाते दिखाई दिए। वीडियो के आधार पर पुलिस ने फैज़ल ख़ान और उनके दोनों बॉडीगार्ड के खिलाफ भी मामला दर्ज किया। उन पर आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसी धाराएं लगाई गईं।

अदालत में दोनों पक्षों के तर्क

ख़ान सर की ओर से अदालत में कहा गया कि सुरक्षा कर्मियों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी और उनके खिलाफ पर्याप्त प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं।

वहीं रौशन आनंद की ओर से दावा किया गया कि उन्हें पेशेवर प्रतिस्पर्धा के कारण झूठे मामले में फंसाया गया है। अभियोजन पक्ष ने इसे सुनियोजित हमला बताते हुए उनके पूर्व मामलों का हवाला दिया।

छात्रों पर असर

घटना के बाद दोनों संस्थानों के छात्रों में मतभेद देखने को मिले हैं। कई छात्रों का कहना है कि इस विवाद से उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई है और वे चाहते हैं कि दोनों शिक्षक आपसी विवाद छोड़कर छात्रों के भविष्य पर ध्यान दें।

रौशन आनंद के समर्थक छात्रों ने उनकी रिहाई की मांग को लेकर कई प्रदर्शन भी किए हैं। वहीं ख़ान सर के समर्थक छात्रों का कहना है कि उनकी शिक्षा व्यवस्था और कम फीस वाले मॉडल से हजारों छात्रों को लाभ मिला है।

पुरानी है प्रतिस्पर्धा

ख़ान सर और रौशन सर दोनों ने मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र से ही अपने कोचिंग संस्थानों की शुरुआत की थी। पिछले कई वर्षों से दोनों संस्थानों के बीच छात्रों की सफलता का श्रेय लेने, प्रचार-प्रसार और कोचिंग कारोबार में प्रभाव को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं।

2021 और 2023 में भी दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर कोचिंग संस्थानों में घुसकर हंगामा करने और हमला कराने जैसे आरोप लगाए थे। इसी वर्ष एक प्रतियोगी परीक्षा के टॉपर को लेकर भी दोनों संस्थानों के बीच विवाद हुआ था।

बिहार में कोचिंग उद्योग पर सवाल

इस घटना ने बिहार में तेजी से बढ़ रहे कोचिंग कारोबार, छात्रों के उपयोग, प्रतिस्पर्धा और नियमन की जरूरत पर बहस छेड़ दी है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि कोचिंग संस्थानों के लिए सख्त नियमावली तैयार की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।फिलहाल मामला न्यायालय और पुलिस जांच के अधीन है तथा दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं।

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