राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को उस समय माहौल काफी गर्म हो गया जब “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)” के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। अभिजीत हाल ही में अमेरिका से दिल्ली लौटे और एयरपोर्ट से सीधे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में समर्थक पहले से मौजूद थे।
प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर हजारों की भीड़ जुटने का दावा किया गया। युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और समर्थकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। CJP की ओर से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है।
अभिजीत दीपके ने मंच से कहा कि सोशल मीडिया पर लोग इस आंदोलन को लेकर सवाल उठा रहे थे, लेकिन अब जमीनी स्तर पर लोगों की मौजूदगी इसका जवाब है। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए शांति और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की।
इस बीच जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की भारी तैनाती के बीच प्रदर्शन स्थल पर मीडिया की भी बड़ी मौजूदगी देखी गई। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, अन्य समूहों के लोग भी वहां पहुंचे, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा।
जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय डॉ. भीमराव अंबेडकर की एक किताब के साथ नजर आए, जिसे उनके समर्थकों ने प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देखा।
इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी बहस तेज हो गई है। कुछ इसे युवाओं की अभिव्यक्ति बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सोशल मीडिया से शुरू हुआ एक प्रतीकात्मक आंदोलन मान रहे हैं जो अब सड़क पर उतर आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ इस आंदोलन के प्रभाव और भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फिलहाल पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रदर्शन शांतिपूर्ण बताया जा रहा है, हालांकि माहौल में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा लगातार जारी है।


