गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में सूर्य प्रताप चौहान हत्याकांड और मुख्य आरोपी असद के पुलिस एनकाउंटर के बाद शुक्रवार को पहला जुमे का दिन होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
गौरतलब है कि 28 मई को बकरीद के दिन सूर्य प्रताप चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के दौरान मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जबकि उसके पिता नवाब और सहयोगी आदिल, फरहान तथा तारीक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जुमे की नमाज से पहले प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अधिकारियों ने दो मदरसों को कथित रूप से अवैध निर्माण और आवश्यक अनुमति न होने के आधार पर सील कर दिया है तथा उनके बिजली कनेक्शन भी काट दिए गए हैं।
इस बीच, कुछ संगठनों द्वारा जुमे की नमाज को लेकर दिए गए बयानों के मद्देनजर पुलिस ने एहतियाती कदम उठाए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से संबंधित व्यक्तियों पर निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खोड़ा क्षेत्र में पिछले दिनों विशेष सत्यापन अभियान भी चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 1600 संदिग्ध व्यक्तियों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों का सत्यापन किया जाना था। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान कई ऐसे लोग क्षेत्र छोड़कर चले गए, जिनकी पहचान और गतिविधियों की जांच की जा रही थी।
प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अफवाह या कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


