साल्टिलो (मेक्सिको)। भारत के शीर्ष रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने साल्टिलो (मेक्सिको) में आयोजित तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतकर एक नया इतिहास…
साल्टिलो (मेक्सिको)। भारत के शीर्ष रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने साल्टिलो (मेक्सिको) में आयोजित तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। 25 वर्षीय धीरज विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले भारत के पहले पुरुष रिकर्व तीरंदाज बन गए हैं। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही उन्होंने 2023 और 2024 के सत्रों की निराशा को पीछे छोड़ दिया और भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी के 16 साल से चले आ रहे पदक के लंबे इंतजार को भी सफलतापूर्वक समाप्त कर दिया
रविवार को खेले गए इस बेहद रोमांचक खिताबी मुकाबले में दुनिया के 10वें नंबर के तीरंदाज धीरज का सामना जापान के विश्व नंबर 20 नाकानिशी जुन्या से हुआ। पांच सेटों के कड़े मुकाबले के बाद दोनों तीरंदाजों का स्कोर 5-5 (28-28, 28-29, 29-28, 28-30, 28-27) से बराबर रहा। इसके बाद विजेता का फैसला करने के लिए कराए गए निर्णायक शूट-ऑफ में धीरज ने अपने सटीक निशाने की बदौलत 10-9 से बाजी मार ली और स्वर्ण पदक अपने नाम किया
धीरज से पहले 2010 में एडिनबर्ग में जयंत तालुकदार ने कांस्य पदक जीता था, जिसके बाद से कोई भी भारतीय पुरुष तीरंदाज विश्व कप फाइनल में पोडियम तक नहीं पहुंच सका था। धीरज से पहले डोला बनर्जी ही एकमात्र भारतीय हैं, जिन्होंने 2007 में दुबई में महिला व्यक्तिगत वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, विश्व कप फाइनल में भारत के लिए सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड दीपिका कुमारी के नाम दर्ज है, जिन्होंने अपनी आठ भागीदारियों में पांच रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया है
स्रोत: www.thehindipioneer.com


