गौरतलब है कि 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति…
गौरतलब है कि 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन समेत कई देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। भारत मंडपम में हो रहे इस समिट को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर कहा कि मुझे नहीं पता कि कितने राष्ट्रपति और कितने प्रधानमंत्री आ रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि पिछले 2 या 3 ब्रिक्स सम्मेलनों से कोई ठोस लाभ या ठोस परिणाम सामने आए हैं। वास्तव में, हम ब्रिक्स का हिस्सा हैं, एससीओ का हिस्सा हैं, जी-20 का हिस्सा हैं, और क्वाड का भी हिस्सा हैं। इनसे हमें क्या लाभ मिल रहा है? मुझे नजर नहीं आता। पिछले 2 या 3 सम्मेलनों में मुझे कोई फायदा दिखाई नहीं दिया।
इससे पहले, ब्रिक्स सम्मेलनों के कुछ ठोस परिणाम जरूर मिले थे
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी कहा कि चिदंबरम बहुत अनुभवी और गहरी समझ रखने वाले व्यक्ति हैं। हम सभी उनकी बात को बहुत गंभीरता से लेते हैं। अगर वे कोई चेतावनी दे रहे हैं, तो हमें उसे सही भावना से लेना चाहिए। इनमें से कई मल्टीनेशनल ऑर्गनाइजेशन सिर्फ चर्चा कर पाते हैं, लेकिन उनसे कोई नतीजा नहीं निकलता। इसीलिए मैं कह रहा हूं कि हमें लीडरशिप की जरूरत है ताकि ऐसे नतीजे मिलें जिन पर हम गर्व कर सकें। मौजूदा सरकार को चिदंबरम के सुझावों पर ध्यान देना चाहिए
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह समूह ग्लोबल साउथ के देशों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। ग्लोबल साउथ में 100 से ज्यादा देश हैं, लेकिन ब्रिक्स में शामिल 11 प्रमुख देश अलग-अलग विचारों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत इस समय ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और ऐसे में इसकी मेजबानी देश के लिए खास महत्व रखती है
स्रोत: readnownews.in


