परिषदीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों के लिए सरकार की नई घोषणा राहत और सम्मान लेकर आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों के मानदेय में प्रति माह 1,000 रुपये की बढ़ोतरी के साथ उनके और उनके परिवार के लिए 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा की घोषणा की है। इस फैसले के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में रसोइयों के बीच खुशी का माहौल है।
लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने योजना का औपचारिक शुभारंभ किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली रसोइयों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी किया गया।
मेहनत को मिला सम्मान, बढ़ा मनोबल
सहारनपुर के पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय जाटोवाला की रसोइया रीता देवी ने कहा कि मानदेय में बढ़ोतरी उनके वर्षों के श्रम और समर्पण का सम्मान है। उनके मुताबिक, इस निर्णय से रसोइयों का उत्साह बढ़ा है और उन्हें अपने काम के प्रति और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रदेश के अन्य जिलों की रसोइयों ने भी सरकार के फैसले को आर्थिक राहत के साथ उनके सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जोड़कर देखा।
घोषणा पर गूंजा तालियों का शोर
आजमगढ़ के नेहरू हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रसोइयों ने लखनऊ में हुए मुख्य समारोह का सजीव प्रसारण देखा। जैसे ही 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की घोषणा हुई, सभागार तालियों से गूंज उठा।
अधिकारियों ने कहा कि स्कूलों में बच्चों के पोषण की जिम्मेदारी निभाने वाली रसोइयों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य सुविधा मिलने से गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें इलाज के लिए आर्थिक संकट या कर्ज का सहारा लेने की जरूरत कम होगी।
बढ़े मानदेय से घरेलू बजट को राहत
मेरठ की रसोइया विमलेश ने कहा कि मानदेय में 1,000 रुपये की वृद्धि से घर के खर्च को संभालने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार, परिवार के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा मिलना इससे भी बड़ी राहत है, क्योंकि बीमारी के समय सबसे बड़ी चिंता इलाज के खर्च की होती है।
इलाज के खर्च की चिंता होगी कम
आगरा की रसोइया आशा देवी ने कहा कि बढ़ा हुआ मानदेय और स्वास्थ्य सुविधा उनके लिए महत्वपूर्ण राहत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने रसोइयों की मेहनत और उनकी जरूरतों को समझते हुए यह कदम उठाया है।
मुरादाबाद के एक परिषदीय विद्यालय में लंबे समय से काम कर रहीं सूरजमुखी ने बताया कि अतिरिक्त मानदेय से परिवार के खर्च को संभालने में मदद मिलेगी। वहीं 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा को उन्होंने गंभीर बीमारी की स्थिति में बड़ी सुरक्षा बताया।
रक्षाबंधन पर मिला राहत का तोहफा
वाराणसी की रसोइया संतरा देवी ने सरकार की घोषणा को रक्षाबंधन के अवसर पर मिला बड़ा तोहफा बताया। उनका कहना है कि पहले बीमारी के समय इलाज के खर्च को लेकर चिंता रहती थी, लेकिन नई स्वास्थ्य सुविधा से परिवार को आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिला है।
समय पर इलाज की उम्मीद
सोनभद्र की रसोइया अमरावती देवी ने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार बीमारी के बावजूद काम करना पड़ता था। कैशलेस उपचार की सुविधा मिलने से अब समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने में मदद मिलेगी।
कानपुर की रसोइया मंजू ने भी मानदेय बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त राशि से घरेलू खर्च में राहत मिलेगी, जबकि स्वास्थ्य सुविधा बीमारी के दौरान कर्ज लेने की मजबूरी को कम कर सकती है।
आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में कदम
प्रदेश की रसोइयों के लिए मानदेय में बढ़ोतरी और स्वास्थ्य सुरक्षा की घोषणा को उनके आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पीएम पोषण योजना के तहत ये महिलाएं लंबे समय से स्कूली बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सरकार की इस पहल से एक ओर रसोइयों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कैशलेस उपचार की सुविधा उनके और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार तैयार करेगी। प्रदेशभर की रसोइयों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे अपने श्रम के सम्मान और परिवार की सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया।


