राजस्थान में बहुचर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड IAS अधिकारी और पूर्व एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें दिल्ली से हिरासत में लेकर जयपुर लाया गया।
लंबे समय से चल रही थी तलाश
जानकारी के अनुसार, सुबोध अग्रवाल पिछले कई हफ्तों से फरार थे। उनके खिलाफ पहले ही गिरफ्तारी वारंट और लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका था। जांच एजेंसियां लगातार उनकी लोकेशन ट्रैक कर रही थीं, जिसके बाद उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
घोटाले में क्या हैं आरोप?
जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, जिसके तहत पाइपलाइन और जल आपूर्ति से जुड़े बड़े टेंडर जारी किए जाते हैं। आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन करते हुए कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों और अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर टेंडर हासिल किए गए और परियोजना की लागत में भी भारी बढ़ोतरी की गई। शुरुआती जांच में करीब 960 करोड़ रुपये के टेंडरों में गड़बड़ी की बात सामने आई है, जबकि घोटाले का कुल दायरा इससे भी बड़ा बताया जा रहा है।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, इस केस में कई अन्य आरोपी भी जांच एजेंसियों की रडार पर हैं।
आगे की कार्रवाई
ACB अब गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी और रिमांड की मांग करेगी। एजेंसी को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से मामले की जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

